दैनिक समय

आज का राहु काल — तंजावुर

तंजावुर के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना किया गया आज का राहु काल, यमगंड और गुलिक — आने वाले सप्ताह और समय के नियम सहित।

बचने योग्य समय · आज

राहु काल
09:00 – 10:29राहु के अधीन दिन का आठवाँ भाग (लगभग 90 मिनट)। नए काम, यात्रा और खरीद टाली जाती है; नित्य कार्य चलते रहते हैं।
यमगंड
13:27 – 14:56यम का काल — शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए टाला जाता है।
गुलिक काल
06:02 – 07:31शनि-पुत्र गुलिक का काल। अभी शुरू किया काम दोहराया जाता है — जो दोहराना हो उसके लिए ठीक, बाकी के लिए टालें।
अभिजित मुहूर्त
11:34 – 12:22स्थानीय दोपहर के आसपास के 48 मिनट — अधिकांश दोषों को हरने वाला सर्वमान्य शुभ समय।

अगले 7 दिन

तारीखवारराहु कालयमगंडगुलिक काल
17 अक्टूबर 2026शनिवार09:00 – 10:2913:27 – 14:5606:02 – 07:31
18 अक्टूबर 2026रविवार16:25 – 17:5411:58 – 13:2714:56 – 16:25
19 अक्टूबर 2026सोमवार07:31 – 09:0010:29 – 11:5813:27 – 14:56
20 अक्टूबर 2026मंगलवार14:55 – 16:2409:00 – 10:2911:58 – 13:27
21 अक्टूबर 2026बुधवार11:58 – 13:2607:31 – 09:0010:29 – 11:58
22 अक्टूबर 2026गुरुवार13:26 – 14:5506:02 – 07:3109:00 – 10:29
23 अक्टूबर 2026शुक्रवार10:29 – 11:5714:55 – 16:2307:31 – 09:00

वार का नियम

वारराहु काल · दिन का भाग (8 में से)यमगंडगुलिक काल
रविवार8 · 16:30 – 18:005 · 12:00 – 13:307 · 15:00 – 16:30
सोमवार2 · 07:30 – 09:004 · 10:30 – 12:006 · 13:30 – 15:00
मंगलवार7 · 15:00 – 16:303 · 09:00 – 10:305 · 12:00 – 13:30
बुधवार5 · 12:00 – 13:302 · 07:30 – 09:004 · 10:30 – 12:00
गुरुवार6 · 13:30 – 15:001 · 06:00 – 07:303 · 09:00 – 10:30
शुक्रवार4 · 10:30 – 12:007 · 15:00 – 16:302 · 07:30 – 09:00
शनिवार3 · 09:00 – 10:306 · 13:30 – 15:001 · 06:00 – 07:30

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर वार को यह काल उसी भाग में पड़ता है, इसलिए दिन की लंबाई बदलने पर घड़ी का समय थोड़ा खिसकता है।

अन्य शहर

राहु काल का अर्थ और उपयोग

राहु काल हर दिन का लगभग नब्बे मिनट का वह समय है जिसे तमिल और दक्षिण भारतीय परंपरा नए कामों के लिए अनुकूल नहीं मानती। यह कोई खगोलीय घटना नहीं है: दिन के प्रकाश-काल का आठवाँ भाग छाया-ग्रह राहु को दिया जाता है, और वह भाग केवल वार पर निर्भर करता है। इसी नियम से यमगंड और गुलिक को भी अपने भाग मिलते हैं, इसीलिए तीनों हमेशा दिन के अलग-अलग हिस्सों में होते हैं।

क्योंकि यह दिन के प्रकाश का अंश है, इसका घड़ी-समय ऋतु और अक्षांश के साथ खिसकता है। चेन्नई में बारह घंटे के दिन में हर भाग ठीक नब्बे मिनट का है; लंदन में जून में वही भाग दो घंटे से ऊपर हो जाता है और दिसंबर में साठ मिनट से नीचे। इस पृष्ठ के समय तंजावुर के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना किए गए हैं।

उपयोग: राहु काल में कोई नया काम शुरू न करना परंपरा है — हस्ताक्षर, शुभारंभ, यात्रा पर निकलना, खरीदारी, पहली भेंट। चल रहा काम रोका नहीं जाता; भोजन और दैनिक कार्य ठीक हैं; बल्कि कई मंदिरों में राहु काल में दुर्गा या हनुमान पूजा की सलाह दी जाती है। यमगंड को भी लगभग ऐसा ही माना जाता है; गुलिक की विशेषता यह है कि उसमें शुरू हुआ काम दोहराया जाता है, इसलिए जो दोहराना हो उसके लिए इसे चुना जाता है और बाकी के लिए टाला जाता है।

जब काम टल न सके, तो स्थानीय दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त और गौरी नल्ल नेरम के काल दिन के भरोसेमंद शुभ समय हैं; पूरा पंचांग पृष्ठ इन्हें होरा के साथ सूचीबद्ध करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तंजावुर में आज राहु काल कब है?

17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को तंजावुर में राहु काल 09:00 – 10:29 (स्थानीय समय) है।

तंजावुर में आज यमगंड कब है?

17 अक्टूबर 2026 को तंजावुर में यमगंड 13:27 – 14:56 है।

तंजावुर में आज गुलिक काल कब है?

17 अक्टूबर 2026 को तंजावुर में गुलिक 06:02 – 07:31 है।

क्या राहु काल रोज़ एक ही समय होता है?

नहीं। भाग वार के अनुसार निश्चित है (जैसे सोमवार को दिन का दूसरा आठवाँ भाग, रविवार को आठवाँ), पर घड़ी-समय सूर्योदय-सूर्यास्त के साथ बदलता है, इसलिए तिथि और शहर के अनुसार अलग होता है।