आज का नल्ल नेरम — त्रिची
त्रिची के लिए आज के शुभ काल: गौरी पंचांग के शुभ समय, अभिजित मुहूर्त, दिन और रात की अनुकूल होरा, और जिन समयों से बचना है।
गौरी पंचांग — दिन
- धनम06:04 – 07:33शुभ
- सुखम07:33 – 09:02शुभ
- कण्टकम09:02 – 10:31अशुभ
- चोरम10:31 – 12:00अशुभ
- उदयम12:00 – 13:29शुभ
- अमृतम13:29 – 14:58शुभ
- रोगम14:58 – 16:27अशुभ
- लाभम16:27 – 17:56शुभ
आज एक नज़र में
- शुभ समय
- धनम 06:04 – 07:33, सुखम 07:33 – 09:02, उदयम 12:00 – 13:29, अमृतम 13:29 – 14:58, लाभम 16:27 – 17:56
- अभिजित मुहूर्त
- 11:36 – 12:24
- रात — अनुकूल होरा
- बुध 17:56 – 18:57, चंद्र 18:57 – 19:58, गुरु 20:58 – 21:59, शुक्र 00:00 – 01:01, बुध 01:01 – 02:01, चंद्र 02:01 – 03:02, गुरु 04:02 – 05:03रात के शुभ समय: सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र होरा।
बचने योग्य समय
- राहु काल
- 09:02 – 10:31
- यमगंड
- 13:29 – 14:58
- गुलिक काल
- 06:04 – 07:33
- अभिजित मुहूर्त
- 11:36 – 12:24
होरा (ग्रह घंटे)
दिन
- 1शनि06:04 – 07:03
- 2गुरु07:03 – 08:02
- 3मंगल08:02 – 09:02
- 4सूर्य09:02 – 10:01
- 5शुक्र10:01 – 11:01
- 6बुध11:01 – 12:00
- 7चंद्र12:00 – 12:59अभी
- 8शनि12:59 – 13:59
- 9गुरु13:59 – 14:58
- 10मंगल14:58 – 15:58
- 11सूर्य15:58 – 16:57
- 12शुक्र16:57 – 17:56
रात
- 1बुध17:56 – 18:57
- 2चंद्र18:57 – 19:58
- 3शनि19:58 – 20:58
- 4गुरु20:58 – 21:59
- 5मंगल21:59 – 22:59
- 6सूर्य22:59 – 00:00
- 7शुक्र00:00 – 01:01
- 8बुध01:01 – 02:01
- 9चंद्र02:01 – 03:02
- 10शनि03:02 – 04:02
- 11गुरु04:02 – 05:03
- 12मंगल05:03 – 06:04
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नल्ल नेरम क्या है और समय कैसे चुनें
नल्ल नेरम (तमिल “शुभ समय”) तमिलनाडु का रोज़मर्रा का मुहूर्त है: दिन के वे काल जब कुछ शुरू करना अनुकूल हो — यात्रा पर निकलना, दुकान खोलना, ज़रूरी पत्र भेजना, कक्षा शुरू करना। तमिल दैनिक कैलेंडर हर दिन दो-तीन ऐसे काल छापते हैं। इनका सबसे प्रचलित स्रोत गौरी पंचांग है — दिन के प्रकाश का आठ भागों में विभाजन, जिनमें अमृतम, लाभम, धनम जैसे नाम शुभ भागों के और रोगम, कण्टकम, चोरम बचने योग्य भागों के हैं।
आठ भागों का क्रम निश्चित है पर वार के साथ घूमता है, इसलिए सोमवार का पहला भाग रविवार का पहला भाग नहीं होता। हर भाग सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ हिस्सा है, इसीलिए इस पृष्ठ के गौरी समय चेन्नई की तालिका से नकल नहीं, बल्कि त्रिची के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना किए गए हैं। दिन का यही विभाजन राहु काल और यमगंड का भी आधार है, और अच्छा नल्ल नेरम वही है जो उनसे भी बचा रहे।
व्यवहार में समय चुनना: ऊपर दिए गौरी शुभ कालों से शुरू करें। उन्हें राहु काल, यमगंड और गुलिक से मिलाएँ और जो समय टकराए उसे छोड़ दें। अगर काम दोपहर में है, तो स्थानीय दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त किसी भी वार को भरोसेमंद विकल्प है। और बारीकी के लिए होरा देखें: गौरी शुभ काल के भीतर पड़ने वाली गुरु, शुक्र, बुध या चंद्र की होरा सामान्य दिन का सर्वोत्तम समय है, और रात की होरा अंधेरे के बाद के शुभ समय देती हैं, जहाँ गौरी तालिका लागू नहीं होती।
विवाह, गृहप्रवेश या किसी बड़े आयोजन के लिए अब भी ऐसा मुहूर्त चाहिए जो दिन के नक्षत्र और तिथि को संबंधित लोगों के जन्म नक्षत्रों से मिलाए — Zodian के कुंडली उपकरण यह आपकी अपनी कुंडली से करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
त्रिची में आज नल्ल नेरम कब है?
17 अक्टूबर 2026 को त्रिची में गौरी पंचांग के शुभ काल धनम 06:04 – 07:33, सुखम 07:33 – 09:02, उदयम 12:00 – 13:29, अमृतम 13:29 – 14:58, लाभम 16:27 – 17:56 हैं। अभिजित मुहूर्त 11:36 – 12:24 है।
त्रिची में आज किन समयों से बचें?
17 अक्टूबर 2026 को नए कामों के लिए राहु काल (09:02 – 10:31), यमगंड (13:29 – 14:58) और गुलिक (06:04 – 07:33) से बचें।
क्या त्रिची में आज रात कोई शुभ समय है?
17 अक्टूबर 2026 की रात त्रिची में अनुकूल होरा (गुरु, शुक्र, बुध, चंद्र) बुध 17:56 – 18:57, चंद्र 18:57 – 19:58, गुरु 20:58 – 21:59, शुक्र 00:00 – 01:01, बुध 01:01 – 02:01, चंद्र 02:01 – 03:02, गुरु 04:02 – 05:03 हैं।
गौरी पंचांग क्या है?
दिन के प्रकाश का आठ नामित भागों में पारंपरिक विभाजन — उदयम, अमृतम, रोगम, लाभम, धनम, सुखम, कण्टकम, चोरम — जो वार के साथ घूमता है। अमृतम, लाभम, धनम, सुखम और उदयम शुभ हैं।