आज का तमिल पंचांग — त्रिची
त्रिची के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, यमगंड, गुलिक, गौरी नल्ल नेरम और हर होरा सहित — त्रिची के अपने आकाश और घड़ी के अनुसार।
पाँच अंग
- तिथि
- सप्तमीशुक्ल पक्षचंद्र दिवस — सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी; एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ।
- नक्षत्र
- मूलचंद्रमा जिस नक्षत्र (27 में से) में है — नामकरण, मुहूर्त और दैनिक राशिफल का आधार।
- योग
- अतिगण्डसूर्य और चंद्र के योग से बने 27 भाग — दिन का गुण, विष्कम्भ से वैधृति तक।
- करण
- गरआधी तिथि। ग्यारह करण मास में घूमते हैं; विष्टि (भद्रा) में नए काम टाले जाते हैं।
- वार
- शनिवारवार और उसका स्वामी ग्रह — इसी से राहु काल, यमगंड और गुलिक का स्थान तय होता है।
- तमिल मास
- Purattasiतमिल वर्ष: Parabhava
सूर्य
- सूर्योदय
- 06:04
- सूर्यास्त
- 17:56
राहु काल, यमगंड और गुलिक
- राहु काल
- 09:02 – 10:31राहु के अधीन दिन का आठवाँ भाग (लगभग 90 मिनट)। नए काम, यात्रा और खरीद टाली जाती है; नित्य कार्य चलते रहते हैं।
- यमगंड
- 13:29 – 14:58यम का काल — शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए टाला जाता है।
- गुलिक काल
- 06:04 – 07:33शनि-पुत्र गुलिक का काल। अभी शुरू किया काम दोहराया जाता है — जो दोहराना हो उसके लिए ठीक, बाकी के लिए टालें।
- अभिजित मुहूर्त
- 11:36 – 12:24स्थानीय दोपहर के आसपास के 48 मिनट — अधिकांश दोषों को हरने वाला सर्वमान्य शुभ समय।
नल्ल नेरम (गौरी पंचांग)
दिन के गौरी काल
- धनम06:04 – 07:33शुभ
- सुखम07:33 – 09:02शुभ
- कण्टकम09:02 – 10:31अशुभ
- चोरम10:31 – 12:00अशुभ
- उदयम12:00 – 13:29शुभ
- अमृतम13:29 – 14:58शुभ
- रोगम14:58 – 16:27अशुभ
- लाभम16:27 – 17:56शुभ
होरा (ग्रह घंटे)
दिन
- 1शनि06:04 – 07:03
- 2गुरु07:03 – 08:02
- 3मंगल08:02 – 09:02
- 4सूर्य09:02 – 10:01
- 5शुक्र10:01 – 11:01
- 6बुध11:01 – 12:00अभी
- 7चंद्र12:00 – 12:59
- 8शनि12:59 – 13:59
- 9गुरु13:59 – 14:58
- 10मंगल14:58 – 15:58
- 11सूर्य15:58 – 16:57
- 12शुक्र16:57 – 17:56
रात
- 1बुध17:56 – 18:57
- 2चंद्र18:57 – 19:58
- 3शनि19:58 – 20:58
- 4गुरु20:58 – 21:59
- 5मंगल21:59 – 22:59
- 6सूर्य22:59 – 00:00
- 7शुक्र00:00 – 01:01
- 8बुध01:01 – 02:01
- 9चंद्र02:01 – 03:02
- 10शनि03:02 – 04:02
- 11गुरु04:02 – 05:03
- 12मंगल05:03 – 06:04
अन्य शहर
पंचांग क्या है और इस पृष्ठ को कैसे पढ़ें
पंचांग (संस्कृत पञ्चाङ्ग, “पाँच अंग”) भारत का पारंपरिक कैलेंडर है। किसी भी तिथि और स्थान के लिए यह दिन का वर्णन करने वाले पाँच मान दर्ज करता है: तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य–चंद्र संयोग), करण (आधी तिथि) और वार। गृहप्रवेश से लेकर यात्रा तक हर काम के समय के लिए परिवार इसे देखते हैं, और यही दैनिक राशिफल और हर मुहूर्त की रीढ़ है।
पाँचों अंग निश्चित क्षणों पर बदलते हैं, और वे क्षण आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। यहाँ दिखाई गई तिथि और नक्षत्र त्रिची में सूर्योदय के समय प्रभावी हैं — यही शास्त्रीय परंपरा है: सूर्योदय पर जो अंग हो, वही दिन का अंग। सूर्योदय और सूर्यास्त त्रिची के अक्षांश-देशांतर के लिए गणना किए गए हैं, इसलिए चेन्नई का पंचांग लंदन या टोरंटो के लिए सही नहीं — दिन के काल घंटों से भिन्न हो सकते हैं।
हर तत्व का उपयोग: तिथि चंद्र-कला बताती है (पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी, चतुर्थी और अष्टमी के अपने व्रत हैं)। नक्षत्र वह है जिसे पंडित मुहूर्त के लिए आपके जन्म नक्षत्र से मिलाते हैं और जिससे दिन का राशिफल लिखा जाता है। योग और करण दिन की गुणवत्ता को और परिष्कृत करते हैं — विष्टि (भद्रा) करण तथा व्यतीपात और वैधृति योग नए कामों के लिए टाले जाते हैं। वार स्वामी ग्रह और उसके द्वारा नीचे के तीन काल तय करता है।
राहु काल, यमगंड और गुलिक — प्रत्येक सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग है, हर वार को उसी भाग में। ये नया काम शुरू करने से बचने के समय हैं; पहले से चल रहा काम, भोजन या यात्रा प्रभावित नहीं होती। गौरी नल्ल नेरम उसी दिन को आठ नामित कालों में बाँटता है — अमृतम, लाभम, धनम, सुखम और उदयम शुभ हैं। अंत में होरा तालिका दिन और रात के बारह ग्रह-घंटे देती है — गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र की होरा श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
Zodian छपी हुई तालिका की नकल नहीं करता, बल्कि सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति से हर शहर और तिथि के लिए ये आँकड़े नए सिरे से निकालता है। इसीलिए यहाँ के समय एक अच्छे तमिल दैनिक कैलेंडर से मिनट-दर-मिनट मेल खाते हैं और भारत के बाहर के शहरों के लिए भी सही रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
त्रिची में आज तिथि क्या है?
आज (17 अक्टूबर 2026) त्रिची में सूर्योदय के समय तिथि सप्तमी (शुक्ल पक्ष) है।
त्रिची में आज नक्षत्र क्या है?
17 अक्टूबर 2026 को त्रिची में सूर्योदय के समय चंद्रमा मूल नक्षत्र में है।
त्रिची में आज राहु काल कब है?
17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को त्रिची में राहु काल 09:02 – 10:31 (स्थानीय समय) है। यमगंड 13:29 – 14:58 और गुलिक 06:04 – 07:33 है।
त्रिची में आज सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
17 अक्टूबर 2026 को त्रिची में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 17:56 पर है।
यह पंचांग छपे हुए पंचांग से अलग क्यों है?
छपे पंचांग एक ही शहर (प्रायः चेन्नई) के लिए बने होते हैं। यह पृष्ठ त्रिची के अपने निर्देशांक और समय-क्षेत्र के लिए सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के काल दोबारा गणना करता है।